टटका खबर | Latest News

[angika news][bigposts]

अंगदेश खबर | angdesh news

[angdesh][bsummary]

देश-प्रदेश खबर | National News

[Angika National][twocolumns]

कहिया तलक पीछू हटत॑ रहतै ? | Angika Samvad - Abree Dafi | by Kundan Amitabh

कहिया तलक पीछू हटत॑ रहतै ?

अंगिका संवाद : अबरी दाफी | कुंदन अमिताभ
कब तलक स्कूल प्रबंधन, शिक्षा प्रशासक जिम्मेदारी स॑ पीछू हटत॑ रहतै ? स्कूल अब॑ जिंदगी केरऽ खौफनाक  मंजर पेश कर॑ लगलऽ छै आरू दिन प॑ दिन ई दृश्य क्रमशः भयावह होत॑ जाय रहलऽ छै ।  आपनऽ जिनगी सँवारै ल गेलऽ मासूम बच्चा केरऽ कभी आपने स्कूल केरऽ बस सं॑ दबी क॑ मौत होय जाय छै, त॑ कभी आपन॑ स्कूल परिसर मं॑ गिरी क॑ । कभी यौन शोषण व बलात्कार केरऽ शिकार  त॑ कभी  यौन शोषण के साथ हत्या के शिकार । एना लगै छै कि स्कूल स्कूल नै रही क॑ आपराधिक तत्व केरऽ कोनो गढ़ बनी गेलऽ हुअ॑ ।

दू दिन के अंतर प॑ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र केरऽ दू नामी प्राइवेट स्कूली म॑ ऐसनऽ वारदात होलऽ छै, जेकरा प॑ जनमानस केरऽ आहत व उद्वेलित होना स्वाभाविक छै । पहल॑ गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल म॑ दूसरा वर्ग केरऽ सात वर्षीय बुतरू के हत्या होलै, फेरू दिल्ली केरऽ गांधी नगर इलाका में स्थित टैगोर पब्लिक स्कूल म॑ एगो पाँच साल केरऽ बच्ची से दुष्कर्म के घटना सामने ऐलै । गुरुग्राम मामला में आरोप छै कि स्कूल बस के कंडक्टर न॑ बच्चा सथ॑  यौन-दुर्व्यवहार के कोशिश करलकै । हल्ला होय के डर स॑  ओंय बूतरू के हत्या करी देलकै । वहीं गाँधी नगर मामला म॑ आरोपी स्कूल केरऽ ही चपरासी छेलै । यानी दूनू घटना म॑ आरोपी केरऽ प्रमुख मकसद यौन शोषण छेलै । गुरुग्राम मामला म॑ अपराध क॑ भयावह ढंग स॑ अंजाम देलऽ गेलै । रयान स्कूल केरऽ दिल्ली शाखा  मं॑ पिछला साल एगो बच्चा केरऽ संदेहास्पद स्थिति मं॑ पानी केरऽ टंकी म॑ डूबी क॑ मौत होय गेलऽ रहै । कुछ बरस पहल॑ रयान इंटरनेशनल स्कूल, खारघर, नवी मुंबई केरऽ स्कूली बस स॑ दबी क॑ एगो विद्यार्थी केरऽ मौत होय गेलऽ रहै ।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र या मुंबई ऐसनऽ जगह होला स॑ ऐसनऽ घटना प॑ मीडिया के ज्यादा ध्यान रहै छै । ई लेली ई मामला स॑ सौसे देश सहमी गेलऽ नजर आबै छै ।  असल म॑ ई घटना न॑ पूरे देश केरऽ संवेदना क॑ ई लेली भी झकझोरल॑ छै कैन्हें कि  स्कूली में यौन उत्पीड़न केरऽ खबर लगभग सब्भे जगहऽ प॑ अक्सर सूनै ल॑ मिलत॑ रहै छै । बूतरू सिनी के यौन शोषण क॑ रोकै लेली प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस एक्ट- 2012 (पॉस्को) मौजूद छै । लेकिन कि खाली सख्त कानून ऐसनऽ अपराध क॑ रोकै म॑ पर्याप्त साबित नै होय छै । ई भी एगो गलत धारणा छै  कि खाली लड़की ही स्कूली म॑ असुरक्षित छै । प्रद्युम्न केरऽ ई मामला न॑ इस बात क॑ खूब जोर स॑ रेखांकित करल॑ छै  कि लड़का बच्चा भी स्कूल म॑ ओतने असुरक्षित छै ।

एकरा लेली स्कूली  स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता के आवश्यकता छै । ई मामला म॑ आरोप लगलऽ छै कि स्कूल प्रबंधन न॑ अपनऽ टीचिंग आरू नॉन-टीचिंग स्टॉफ केरऽ पुलिस सत्यापन नै करैल॑ छेलै । विद्यार्थी या स्टाफ केरऽ अब्यूसिव व्यवहार केरऽ शिकायत लेली भी कोय तंत्र नै छेलै ।  स्कूली म॑ सीसीटीवी कैमरा केरऽ प्रभावी व्यवस्था नै छेलै । जेकरा स॑ जुर्म केरऽ अकाट्य साक्ष्य दर्ज हुअ॑ सकतियै । जों वहां प्रचारित  होत॑ रहतियै कि तमाम गतिविधि केरऽ रिकॉर्डिंग होय रहलऽ छै, त॑ शायद आरोपी ऐसनऽ कृत्य करै के जुर्रत ही नै करतियै । एकरऽ अलावे विशेषज्ञ बच्चा सिनी क॑ प्रशिक्षित करै प॑ भी जोर दै छै, ताकि अपनऽ सथ॑ कोनो अवांछित हरकत केरऽ बारे म॑ वू अपनऽ शिक्षक या माय-बाबू क॑ बेहिचक सूचित कर॑ पार॑ । माय-बाबू आरू शिक्षकऽ के ट्रेनिंग जरूरी छै, ताकि ऐसनऽ शिकायतऽ क॑ हल्का म॑ नै लेलऽ जाय ।
साफ छै स्कूल म॑ ऐसनऽ सावधानी नै बरतलऽ गेलै । बाथरूम म॑ छोटे बच्चा केरऽ सहायता करै लेली कोय कर्मचारी या स्टाफ नै देलऽ गेलऽ छेलै । गैर-शिक्षण कर्मचारी तक क॑ ई बाथरूमऽ म॑ प्रवेश के अनुमति देलऽ गेलऽ छेलै । बूतरू सिनी क॑ यौन शिकारियऽ के दया प॑ छोड़ी देलऽ गेलऽ छेलै । आरू एगो हत्यारा क॑ स्कूल परिसर म॑ एगो चाकू सथ॑ प्रवेश करै मे॑ कोय कठिनाई नै छेलै ।  दुर्भाग्य स॑, देश भर के स्कूली म॑ ऐसनऽ अनियमितता बहुत आम छै । ई लेली महज आरोपी क॑ पकड़ी लेना काफी नै छै । असल मुद्दा छै - स्कूल प्रबंधन केरऽ जवाबदेही तय करै के । जोन अधिकारियऽ न॑ सुरक्षा केरऽ बुनियादी शर्तों के अवहेलना करन॑ छै, ओकरा भी कठघरा में ठारऽ करना चाहियऽ । ई बिंदु प॑ प्रशासन या सरकार के उत्तरदायित्व के प्रश्न भी उठै छै । आखिर कब तलक स्कूल प्रबंधन आरू शिक्षा प्रशासक  व नौकरशाह अपनऽ जिम्मेदारी स॑ पीछू हटत॑ रहतै ?
प्राइवेट स्कूल, स्कूल फीस केरऽ नाम प॑ मोटऽ रकम वसूलै छै । वहाँ देलऽ जाय वाला कथित सुविधा आरू सुरक्षा इंतजामऽ के आधार प॑ एखरऽ औचित्य सिद्ध करै के कोशिश होय छै । लेकिन ई मोर्चा प॑ नाकाम रहलऽ स्कूल के प्रबंधकऽ लेली कोन तरह के दंड केरऽ प्रावधान हुअ॑, अब॑ ई भी सुपरिभाषित होना चाहियऽ । अपेक्षित यह॑ छै कि सरकारें ई दिशा म॑ जल्दी स॑ जल्दी केनो कदम उठाब॑ ।

एक के बाद एक बहुत तरह केरऽ सवाल आम जनऽ के जेहन म॑ उठ॑ लगै छै । जब॑ बच्चा स्कूल के चारदीवारी म॑ भी सुरक्षित नै छै त॑ कि अब॑ अपनऽ-अपनऽ बच्चा सब क॑ घर म॑ बंद करी लेलऽ जाय ?  एकरऽ बाद कि  सब ठीक हो जैतै बच्चा क॑ ‘गुड टच बैड टच’ सिखाय भर देला स॑ सब ठीक होय जैतै ?  ओकरऽ बाद भी जों अगर सामने स॑ कय छूरी आरू हथियार ल॑ क॑ ठारऽ होय जैतै त॑ की होतै ?  सब क॑ लगी रहलऽ छै स्कूली तरफऽ स॑ अनुशासन के नाम प॑ विद्यार्थी सहित ओकरऽ माय-बाबू क॑ धोखा देलऽ जाय रहलऽ छै । अपनऽ क॑ धोखा म॑ रखै स॑ कोय फायदा नै । जगै के जरूरत छै । मिली क॑ स्कूली माफिया के विरूद्ध आवाज उठैत॑ रहै के जरूरत छै ।
ऐन्हऽ घटना स॑ आय हर माय-बाप ही सहमलऽ नजर आबै छै । त॑ प्रद्युम्न के माय-बाबू केरऽ दर्द केरऽ खाली अनुमान ही लगैलऽ जाब॑ सकै छै । सब केरऽ चेहरा प॑ प्रश्नवाचक चेन्हऽ सट्टी गेलऽ छै-आय प्रद्युम्न छै, कल कोय दोसरा सथ॑ ऐन्हऽ वारदात नै होतै, एकरऽ की गारंटी ?

No comments: