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ढोंगी बाबा सब स॑ बची क॑ ! विश्वास करऽ अंधविश्वास नै ! | Angika Samvad - Abree Dafi | by Kundan Amitabh

ढोंगी बाबा सब स॑ बची क॑ ! विश्वास करऽ अंधविश्वास नै !

अंगिका संवाद : अबरी दाफी | कुंदन अमिताभ

भारत ऐन्हऽ धार्मिक आरू आध्यात्मिक देश म॑  फर्जी आरू ढोंगी बाबा सब केरऽ  खुलासा कोनऽ नया बात नै छै । खास करी क॑ राम-रहीम सच्चा डेरा प्रकरण के बाद संतऽ सब के फजीहत के ई माहौल म॑ ई बहुत लाजिमी भी छेलै । काश कि ई समय-समय प॑ ई होत॑ रहतियै ।  हिंदू संतऽ के एगो प्रमुख संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद न॑ १४ फर्जी संतों के सूची जारी करन॑ छै । ई सूची म॑ गुरमीत राम रहीम, आसाराम, असीमानंद, नारायण साईं, बाबा रामपाल स॑ ल॑ क॑ निर्मल बाबा, इच्छाधारी बाबा आरू राधे माँ तक ऐसनऽ तमाम नाम शामिल छै, जे पिछला कुछ साल म॑ अपनऽ हेयकरनी के चलत॑ खासा विवादित रहलऽ छै ।

कथित संतों सब के असंत प्रवृत्ति के प्रति आम लोगऽ के गुस्सा बढ़लऽ जाय रहलऽ छेलै ।  संत समाज भी महसूस करी रहलऽ छेलै कि ई बाबा सब के कारस्तानी स॑ पूरा हिंदू धर्म के नाम खराब होय रहलऽ छै । प्रतिक्रिया म॑ फर्जी बाबा केरऽ सूची म॑ शामिल एक न॑ अखाड़ा परिषद केरऽ अध्‍यक्ष क॑ जहाँ नोटिस भेजन॑ छै, वहीं एगो आरू न॑ कहल॑ छै कि परिषद ही फर्जी छै । ई सही भी छै कि खुद अखाड़ा परिषद म॑ शामिल संतऽ म॑ भी कुछ गलत वजहऽ स॑ चर्चा म॑ रहलऽ छै । लेकिन फिर भी अरसा बाद हिंदू धर्म स॑ जुड़लऽ कोनो संस्था तरफऽ स॑ धर्म के कोनो गलत पहलू प॑ उँगली उठैलऽ गेलऽ छै ।

कहलऽ जाब॑ सकै छै कि केकरो कहला स॑ कोय फर्जी नै होय जैतै । सवाल उठ॑ सकै छै कि आखिर कोन पैमाना प॑ नापी क॑ ई तय करलऽ गेलै । कोन कसौटी प॑ कसी क॑ फरजीपना व ढोंगीपना के निर्णय लेलऽ गेलै ? सवाल ई भी उठ॑ सकै छै कि ई लिस्ट मं॑ जेकरऽ नाम नै छै वू सब की साफ-सुथरा चरित्र वाला सिद्ध छेकै ? कहै वाला ई भी कही रहलऽ छै कि नै त॑ अखाड़ा न॑ तथाकथित ढोंगी बाबा सब क॑ बाबा बनैल॑ छै आरू नै ही ओकरा सब के अखाड़ा स॑ कोय वास्‍ता छै, फिर अखाड़ा केखरौ साधु होय या नै होय के प्रमाणपत्र कैसें दिअ॑ सक॑ छै ?

लिस्ट म॑ शामिल ढोंगी बाबा सब केरऽ  कुंभ म॑ प्रवेश प॑ प्रतिबंध रहतै । ई बाबा सब क॑ सनातन धर्म स॑ जुड़लऽ आयोजनऽ म॑ संत केरऽ दर्जा हासिल नै होतै । एकरऽ साथ ही अखाड़ा परिषद,  ई ढोंगी बाबा सिनी स॑ सनातन धर्मावलंबी सब क॑ दूर रखै लेली जागरूकता भी लानतै । अखाड़ा परिषद देश केरऽ १३ अखाड़ा केरऽ एगो शीर्ष संस्था छेकै, जेकरा हिंदू धर्म म॑ ऊंचा स्थान हासिल छै ।

एकरा मं॑ कोय दू मत नै छै कि अखाड़ा परिषद केरऽ नियंत्रण क॑ ल॑ क॑ भी बीच-बीच म॑ विवाद उठत॑ रहै छै । लेकिन एकरऽ सकारात्मक प्रयास केरऽ खुललऽ मनऽ स॑ स्वागत करलऽ जाना चाहियऽ । कम स॑ कम ई फर्जी बाबा सब लेली हिंदुत्व केरऽ आड़ लेना ओतना आसान नै रहतै ।

एगो सवाल आरू पैदा होय छै । रामदेव बाबा, श्री-श्री रविशंकर आदि भी सनातन धर्म केरऽ हिसाब स॑ की सचमुच के बाबा छेकै । हिनकऽ जीवन आरू रहन-सहन खूब विलासी छै । मल्टीनेशनल स्टाईल म॑ सामान बेचै छै, दुकान केरऽ संख्या बढ़ाबै छै । मजबूरन आजकऽ माहौल म॑ रामदेव बाबा भले खुद बोलै छै जे आदमी क॑ नै खाली भगवान क॑ पूजना चाहियऽ ।

सब बातऽ के एक बात छै कि ई चरित्र प्रमाण-पत्र वितरण पश्चात जों ई १४ ढोंगी क॑ छोड़ी क॑ शेष सब्भे बाबा व साधु क॑ प्रामाणिक मानी लेलऽ जाय त॑ की होतै ? ई खुद म॑ एगो बड़ऽ व भयंकर गलती  नै होतै ? अहम आरू मूल सवाल यह॑ छै कि सच्चा संत आरू फर्जी संत म॑ फर्क केना करलऽ जाय । अखाड़ा परिषद केरऽ जारी करलऽ गेलऽ लिस्ट क॑ आधार मानी क॑ कोय नतीजा प॑ पहुँचना संभव नै छै ।

अंध आस्था प॑ जोर दै के चलत॑ कोय भी धर्म म॑ संदेह आरू तर्क-वितर्क लेली जादा गुंजाइश नै होय छै । कोनो बाबा के मिठ्ठऽ-मिठ्ठऽ बातऽ म॑ आबी क॑ कोय एक बार ओकरा प॑ विश्वास करी लिअ॑ त॑  फेरू ओकरा लेली  आपनऽ बाबा क॑ आजमाबै के सब्भे रस्ता बंद होतं॑ चल्लऽ जाय छै ।

हिंदू धर्म केरऽ एगो बड़ऽ खासियत ई छेकै कि एकरा म॑ कोय एगो संस्था, धर्म-ग्रंथ या व्यक्ति ऐसनऽ नै छै, जेकरऽअनुसरण हर हिंदू लेली जरूरी हुअ॑ । हिंदुत्तव के श्रद्धा केंद्र आरू आस्था केरऽ स्रोत अनेक छै । हिंदू धर्म केरऽ यह॑ विविधता एकरऽ ताकत भी छेकै । ऐसनऽ म॑ संत या असंत केरऽ सर्टिफिकेट बांटै के काम भी कोनो एक संस्था के भरोसे नै छोड़लऽ जाब॑ सकै छै।

ढोंगी आरू धूर्त बाबा व संतऽ स॑ बचै के एकमात्र उपाय यह॑ हुअ॑ सकै छै कि लोग अपनऽ धर्मगुरु सब के कथनी आरू करनी क॑ अपनऽ ज्ञान व विवेक केरऽ कसौटी पर लगातार परखत॑ रहै के आदत डाल॑ । अखाड़ा परिषद केरऽ ई छोटऽ रकम के शुरुआत क॑ आगू बढ़ाबै के काम हर वू जिम्मेदार नागरिक के बनै छै जे केकरो शरण म॑ जाय क॑ ओकरा अपनऽ आध्यात्मिक गुरू मानै ल॑ आगू बढ़ै छै । बची क॑, जादातर बाबा ढोंगी ही छै ! विश्वास करऽ अंधविश्वास नै !

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