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अंग उत्थानान्दोलन समिति के अध्यक्ष गौतम सुमन के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कवि गोपाल सिंह नेपाली के नाम पर भागलपुर से बेतिया ट्रेन चलाने, जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस को अंग-बंग एक्सप्रेस, भागलपुर-नई दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस को कर्ण या सती बिहुला एक्सप्रेस नामित करने, अंग क्षेत्र के स्टेशनों में अंगिका में सूचना देने आदि की मांग की गई है।
अंगिका भाषा के वाजिब सम्मान के लिए पटना रैली से लौटे केन्द्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन ने कहा कि यह यात्रा एवं पटना में भाषा, साहित्य, संस्कृति, सभ्यता एवं विरासत की अस्मिता व अस्तित्व के लिए गर्जन रैली कर ऐतिहासिक कार्य किया है। सभी पार्टी की रैली जात-पात, अगड़ी-पिछड़ी एवं सत्ता सुख भोग के लिए की जाती है। यह रैली अंगिका भाषा के सम्मान के लिए की गयी जो सफल रहा।
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में क्षेत्रीय भाषा अंगिका के पाठयक्रम निर्धारित नहीं करके बहु-वैकल्पिक प्रश्नों का पूछा जाना सरासर गलत है। प्रदेश महासचिव डॉ. प्रदीप प्रभात ने कहा कि अंगिका का साहित्य संसार काफी बड़ा है। ऐसे में मानव संसाधन विकास विभाग में बैठे अधिकारियों को चाहिए कि विज्ञापन के माध्यम से अंगिका भाषा के साहित्यकारों की एक बैठक कर अंगिका के पाठ्यक्रम को निर्धारित किया जाए।
11.12.2012 07:12
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लोक भाषा अंगिका के साथ अंग्रेजों जैसा व्यवहार करके सरकार ठीक नहीं कर रही है। उक्त बातें सोमवार को अंग उत्थानांदोलन समिति बिहार-झारखंड के अध्यक्ष गौतम सुमन ने गर्जन रैली को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि समिति के नेतृत्व में अधिकार सह सम्मान यात्रा 29 नवंबर को भागलपुर से आरंभ होकर सोमवार को पटना पहुंची, जो गर्जन रैली के रूप में परिवर्तित हो गई।
अंग रथ में शामिल अंग उत्थान आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन ने कहा कि अंगिका भाषा के विकास के लिए अब कोई समझौता नहीं होगा। सरकार मांगे पूरी करे या इस्तीफा दें। अब शांति नहीं क्रांति होगा। सरकार अंग क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। लोक भाषा अंगिका को सिर्फ छलने का काम किया गया है। समिति ने अंगिका के हक के लिए ही 10 दिसंबर को पटना में आंदोलन का बिगुल फूंका है।
अंग उत्थान आंदोलन समिति का जागरुकता रथ जमुई पहुंचा। कचहरी चौक पर रथ के साथ आए समिति के अध्यक्ष गौतम सुमन ने कहा कि बिहार-झारखंड के पांच करोड़ अंगिकाभाषियों के हक-हकूक के प्रति उदासीन रवैया अपना कर अंग के विकास की अनदेखी की जा रही है। आगामी दस दिसम्बर को पटना में आयोजित अधिकार सह सम्मान रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पिछले 21 नवंबर से बिहार और झारखंड की यात्रा कर रहे हैं।
09.12.2012 11:07
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अंगिका भाषा के विकास के लिए पटना में दस दिसंबर को अधिकार सह सम्मान रैली होगा। रैली में राज्य के विभिन्न हिस्से के अंगिका भाषी पहुंचेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए 29 नवंबर से सभी जिले में अधिकार सह सम्मान यात्रा की जा रही है।
अंग क्षेत्र के उत्थान और अंगिका भाषा को मान्यता दिलाने के मुद्दे पर 10 दिसंबर को पटना में आयोजित रैली को सफल बनाने के लिए निकाली गई अंग रथ मंगलवार को मधेपुरा पहुंची। अंग उत्थान आंदोलन समिति भागलपुर द्वारा निकाली गई इस रथ पर सवार समिति अध्यक्ष गौतम सुधा एवं महासचिव डा.जयन्त जलद ने बताया कि आज अंग क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच के जिला शाखा के कार्यकारिणी की बैठक बुधवार को कला मंच कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में जिला स्थापना दिवस के अवसर पर भोजपुरी भाषा के गीत को मुंगेर गीत घोषित किए जाने की भर्त्सना मंच के सदस्यों ने की। मंच के सचिव अंजनी कुमार सुमन ने कहा कि मुंगेर अंग जनपद है। यहां की भाषा अंगिका है। अत: मुंगेर गीत अंगिका भाषा में होनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत मुंगेर गीत भोजपुरी भाषा में सुन कर लोग मर्माहत हैं।
अंगिका को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने व इसके अधिकार और सम्मान को लेकर जनजागृति पैदा करने के उद्देश्य से अंग उत्थान आंदोलन समिति का रथ गुरुवार की देर शाम कटिहार पहुंचा। रथ यात्रा के साथ चल रहे गौतम सुमन ने बताया कि अंगिका भाषा के प्रति अंग वासियों में चेतना जगाने तथा उसके अधिकार-सम्मान को लेकर आगे आने का काम किया जा रहा है।

