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अंगिका साहित्य के आधुनिक काल की शुरूआत बीसवीं सदी से मानी जा सकती है. जब महापंडित राहुल सांकृत्यायन द्वारा अंग देश की भाषा का नामकरण ‘अंगिका’ होने के बाद श्री लक्ष्मीनारायण सुधांशु की अध्यक्षता में 1956 ई0 में अंग-भाषा परिषद की स्थापना की गई और उनके साथ श्री गदाधर प्रसाद अम्ब”ठ, महे’वरी सिंह महेश, डा0 परमानन्द पाण्डेय, डा0 नरेश पाण्डेय चकोर, श्री श्रीमोहन मिश्र मधुप जैसे साहित्यकारों ने अंगिका भाषा के उत्थान हेतु अंगिका भाषा आन्दोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
अंगिका में लिखित एवं अलिखित दोनों ही तरह के साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. आज की स्थिति यह है कि अंगिका भाषा का अपना वेब पोर्टल अंगिका.कॉम बर्ष 2003 से अस्तित्व में हैं. साथ ही अंगिका भाषा में गुगल.क़ॉम जैसा विश्व के अव्वल दर्जे का सर्च इंजन भी बर्ष 2004 से उपलब्ध है.

