Category: अंगिका
18.05.2012 09:51
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Categories: भोजपुरी आठवीं अनुसूची अंगिका
Tags: आठवीं अनुसूची भोजपुरी अंगिका मगही
भाषा बचाने के लिए सरकार का मुंह न देखें । सचाई यह है कि भारत का शासक वर्ग ही नहीं , यहां का नवोदित मध्यवर्ग भी भाषा को अपने लिए चिंता का विषय नहीं मानता। विकास के नाम पर समृद्धि के आंकड़े ही इनके लिए सब कुछ हैं। पिछड़े इलाकों के वोट और उनकी जैजैकार पाने के लिए राजनेता बीच - बीच में आठवीं अनुसूची जैसी फुलझड़ी छोड़ देते हैं तो इसे ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। अगर आप बचा सकें तो अपनी मातृभाषा का कोई लहजा या उसका कोई गीत बचाकर रख लें। किसी अकेले , उदास पल में वह आपके काम आएगा।
अंगिका व्याकरण, अंगिका भाषा, अंगिका वर्तनी, अंगिकांजलि, अंगिका और भोजपुरी भाषाओं का तुलनात्मक अध्ययन, हिंदी और अंगिका का अंतर्संबंध आदि अपनी श्रेष्ठ कृतियों से डॉ. पांडेय ने अंगिका का भंडार समृद्ध कर दिया. परमानंद पांडेय को इस सदी का सर्वश्रेष्ठ भाषा वैज्ञानिक मानकर उनकी उपलब्धियों पर आज गर्व किया जा रहा है.
सिद्ध कवियों की भाषा पर विचार करते हुए भाषाविद् डाॅ. डोमन साहु समीर ने अपने लेख ‘सिद्ध साहित्य, अंग जनपद और अंगिका भाषा’ में लिखा है कि सभी सिद्ध कवियों की कविताओं में आधुनिक अंगिका भाषा के प्राचीन रूप सुरक्षित हैं जो आधुनिक अंगिका के एकदम निकट हैं।

