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मजदूर केरॊ बेटा कॆ लोक सेवा परीक्षा मॆं द्वितीय स्थान

साहिबगंज (Apr 25,2008) :साहिबगंज केरॊ बड़हरवा थाना क्षेत्र केरॊ झिकटिया निवासी भोला प्रसाद कुंवर के बेटा गोपाल कृष्ण कुंवर नॆ अंग प्रदेश के सौसे इलाका मॆं एगॊ नया इतिहास गढनॆ छै.पत्थर केरॊ खदानॊ मॆं दिन रात मेहनत करी कॆ महज 50 रुपया कमाबै वाला गोपाल केरॊ बाबूयें कहियो सपना मॆं भी नै सोचनॆ होतै कि हुनकॊ ऐसनॊ मजदूर केरॊ बेटा झारखंड लोक सेवा आयोग के प्रशासनिक सेवा मॆं द्वितीय स्थान पर चुनलॊ जैतै. .

 

जोंय कुछ करी गुजरै के जज्बा हुऎ आरू लगन पक्का रहॆ तॆ फेरू कोय भी मंजिल मिलै मॆ देर नै लगै छै. कहियॊ सिनेमा हाल के टिकट खिड़कियॊ पर टिकट काटै वाला बाल मजदूर एक दिना लोक सेवा आयोग केरॊ परीक्षा में सफल होतै, ऐन्हॊ कोय सोचनॆ भी नै छेलै. मगर इ असंभव कॆ संभव करी दिखैलकै अपनॊ धुन केरॊ पक्कॊ अंग प्रदेश के गोपाल कृष्ण कुंवर नॆ.ग्यारह वर्ष केरॊ आयु मॆं जबॆ गोपाल कुंवर महज आठवीं कक्षा केरॊ छात्र छेलै, खाली सात टका प्रतिदिन मजदूरी पर काम करना शुरु करलकै. काम करला के बाद जबॆ वू घॊर लौटै तॆ पढ़ाई करै रहै. गोपाल कृष्ण कुंवर चौदह वर्ष के उम्र मॆं बरहड़वा केरॊ शिव चित्र मंदिर हाल मॆं टिकट काटै रहै, जे कि हुनी लगातार ग्यारह वर्ष तक करतॆं रहलैन. पढ़ाई केरॊ दौरान माली हालत खराब रहला के कारण पुस्तक खरीदै तक के पैसा नै रहै छेलै. बाबू भोला प्रसाद कुंवर दिन भरी मॆं जे कमाबै रहै ओकरा सॆं दोनॊ साँझ घॊर केरॊ चूल्हा जलाना भी मुश्किल होय रहै.ऐना मॆं प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी लेली पुस्तक कहां सॆं आबॆ इ समस्या रहै. मगर लगन केरॊ पक्का गोपालॆं हिम्मत नै हारलकै.वें आपनॊ दोस्तॊ सॆं दिन भर लेली पुस्तक मांगी कॆ लानै रहै आरू फेरू नियत समय पर वापस करी दै रहै. घर केरॊ माली हालत खराब रहला के बादॊ स्वतंत्र छात्र के रूपॊ मॆं पढ़ाय जारी रखलकै आरू वर्ष 1995 मॆं सिद्धो कान्हू मुर्मू विवि सॆं स्नातकोत्तर मॆं हिन्दी विषय मॆं सर्वोच्च स्थान हासिल करलकै.आपनॊ बेटा केरॊ इ सफलता पर भोला प्रसाद कुंवर के खुशी केरॊ ठिकाना नय छै. हुनकॊ कहना छै कि अस्सी वर्ष के हुनकॊ तपस्या के फल आय हुनका मिललॊ छै. .

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