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13सितम्बर, 2009.
दुमका (Dumka,Bihar,India). हिन्दू केरॊ सबसॆं कठिन व्रतॊ मॆं सॆं एक जितिया परब, अंग देश केरॊ कोना - कोना मॆं परम्परागत रूपॊ सॆं मनैलॊ गेलै. जितिया या जीवित पुत्रिका, बेटा आरू पति केरॊ दीर्घायु होय के कामना कॆ लॆ कॆ करै वाला व्रत छेकै.
भारत वर्ष विभिन्न धर्मॊ आरू संप्रदायॊ के देश होतॆं हुऎ भी एगॊ उत्कृष्ट धर्मनिरपेक्ष राज्य छेकै. सब संप्रदायॊ के आपनॊ-आपनॊ पवित्र व्रत आरू त्योहार छै. पौराणिक ग्रंथॊ मॆं कत्तॆ एन्हॊ त्योहारॊ के वर्णन छै, जेकरॊ भारतीय परंपरा मॆं सदियॊ सॆं निर्वहन करलॊ जाय रहलॊ छै. एन्हॊ त्योहारॊ मॆ सॆ एक छेकै जितिया या जीवित पुत्रिका व्रत, जेकरा भारत केरॊ अंग देश केरॊ अलावा देश केरॊ पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ केरॊ हिन्दु धर्मावलंबी स्त्री सीनी पूरा पवित्रता आरू नियम-निष्ठा के साथ मनाबै छै.
भविष्य पुराण मॆं वर्णित जीवितपुत्रिका व्रत राजा जीमूतवाहन केरॊ त्याग आरू प्रज्ञा पालन केरॊ अनोखॊ कथा छै. प्रकृति के साथ तादात्म्य केरॊ साक्षात निरूपण छेकै. चील, सियार आरू गरूड़ आदि भी इ कथा केरॊ प्रमुख पात्र छेकै. भारतीय परंपरा मॆं पुत्र आरू पति के स्थान पुराण काल सॆं ही सर्वोच्च मानलॊ गेलॊ छै. भले जमाना पुरुष सत्तात्मक समाज कॆ मान्यता प्रदान करॆ, लेकिन इतना तॆ स्पष्ट छै कि जनानी सीनी द्वारा पालन करलॊ जाबै वाला इ व्रत अत्यधिक कठिन छै. इ वैज्ञानिक युग मॆं कि अशिक्षित, कि शिक्षित सब्भे तरह के स्त्री सीनी आपनॊ सौभाग्य आरू संतान के रक्षा आरू ओकरॊ दीर्घायु होय के कामना कॆ लॆ कॆ इ कठिन व्रत करै छै.
आश्रि्वन कृष्ण पक्ष केरॊ सप्तमी तिथि कॆ संयम करलॊ जाय छै. संयम केरॊ अर्थ छेकै व्रत पूर्व मानसिक-शारीरिक एवं आहार संबंधी शुद्धि. अष्टमी तिथि कॆ स्त्री सीनी संपूर्ण दिन-रात निर्जला व्रत करै छै. शुद्ध नवमी कॆ पार्वण करलॊ जाय छै. संयोग सॆं इ बार पार्वण के समय अर्थात नवमी तिथि केरॊ प्रवेश अपराह्न चार बजे के बाद होलॊ छै, जेकरा कारण सॆं इ बार इ व्रत 24 घंटा केरॊ बजाय 36 घंटा के निर्जला व्रत होलै. इ व्रत में मूलत: भगवती दुर्गा के जीवितपुत्रिका रूपॊ के पूजा होय छै. साथ ही शिव सॆं शिवत्व प्रदान करौ के कामना करलॊ जाय छै. राजा जीमूतवाहन केरॊ त्याग के स्तुति होय छै. इ व्रत देश केरॊ कठिन व्रतॊ मॆं सॆं एक छेकै.
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