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मार्च 11, 2009
भागलपुर. ढोलक केरॊ थाप, मृदंग से निकलतॆं आवज, झांझर से निकलतॆं झंकार आरू रही-रही कॆ बीच-बीच मॆं 'होली छै..' के आवाज चारों ओर गूंजी रहलॊ छै.हाथॊ मॆ छै रंगॊ सॆं भरलॊ पिचकारी आरू दॊल, सब्भे एक दोसरा पर रंग आरू अबीर लगाबै लॆ उनमत्त छै.राती होलिकादहन के बाद,होली आय चरमॊ पर छै.
महीना भर सॆं चली आबी रहलॊ रंगों के त्योहार होली के तैयारी कुछ दिना सॆं कलॆ-कलॆ जोर पकड़ॆ लागलॊ रहै.शाम होथैं ग्रामीण क्षेत्रॊ के चौपालॊ मॆं ढोल-मंजीरा के ताल पर बूढ़ा,बच्चा आरू नौजवान फगुआ गीतॊ, जोगीरा साराररा.. आदि के साथ थिरकॆ लागै रहै.गांव-गांव मॆ होली गीत केरॊ गायन चली रहलॊ छेलै.
इ पावन पर्व पर दूर-दराज मॆं रही रहलॊ लोगॊ के गांव वापस लौटला पर चौक-चौराहा सॆं लॆ करी कॆ चौपालॊ तक कॆ फिजा खुशनुमा होय जाय छै.लोग इ त्योहार के आनंद लॆ मॆं कोय कसर नै छोड़ै लॆ चाहै छै. पिछला एक माह सॆं बेरा डुबनी सॆं देर रात तलक होली गीत गाबै के सिलसिला जारी रहै छेलै.
हुन्नॆ होली त्योहार कॆ लॆ कॆ सुलतानगंज केरॊ कुछु गामॊ सीनी मॆं सोमवार कॆ धुरखेल खेललॊ गेलै.मंगलवार कॆ रंग व गुलाल उड़ायकॆ होली मनैलॊ गेलै. हालाँकि इ बार अधिकांश लोग मंगलवार कॆ धुरखेल खेललकै आरू आय बुधवार कॆ रंग व अबीर उड़ायकॆ होली मनैलॊ जाय रहलॊ छै.गांव आरू शहर मॆ चारों तरफ होली के माहौल छै.विभिन्न आयोजनॊ मॆ लोग मस्ती मॆ झूमी रहलॊ छै.
कल बाजार मॆ खरीददारॊ के भीड़ लगलॊ रहै.कपड़ा आरू अन्य खाद्य सामग्रियॊ के अलावा टोपी,फिचकारी, रंग -गुलाल आदि केरॊ जमी कॆ बिक्री होय रहलॊ छेलै.सब्भे घरॊ मॆं होली के तैयारी लगभग पूरा होय चुकलॊ रहै.
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